Sand battery क्या है।
SAND BATTERY Sand battery एक प्रकार का उष्म उर्जा को स्टोर करने वाला स्टोरेज यंत्र है । इसमें सोलर पैनल मे बनने वाली अतिरिक्त ऊर्जा को उष्मा मे बदल कर रेत के एक कंटेनर में भरी रेत को गर्म किया जाता है। इस उर्जा को हम रात में विद्युत उर्जा में बदल कर उपयोग में ले सकते है। Sand battery काम कैसे करती हैं। Sand battery में गर्म हुई रेत का तापमान लगभग 300-600 डिग्री तक रहता है इस उष्मा से भाप बना कर जेनेरेटर से बिजली तैयार कर सकते है। और उसी भाप से हम पानी गरम कर सकते है। या किसी अन्य कार्यो में भी उपयोग् कर सकते है। सैंड बैटरी आम बैटरी के मुकाबले ज्यादा backup देती है। इसमें खर्च भी कम आता है और ये सोलर पैनल से बनने वाली अतिरिक्त उर्जा का भी सदुपयोग करती है। इसकी बॉडी एक थर्मोस बोतल की तरह होती है जिससे गर्म रेत ज्यादा देर तक गरम रह पाती है। ये तकनीक पबन चक्की मे भी बनने वाली अतिरिक्त ऊर्जा को स्टोर कर के उसका सदुपयोग कर सकती है। आपको हमारी ये पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे अपने मित्रों के साथ share करो और पोस्ट को लाइक करो। धन्यबाद!